आंखों पर पट्टी बांधकर 30 सेकंड में बनाई गणेश जी की तस्वीर, वाराणसी के कलाकार का अनोखा हुनर
वाराणसी के कलाकार विजय ने आंखों पर पट्टी बांधकर महज 30 सेकंड में भगवान गणेश का चित्र बनाया

# आंखों पर पट्टी बांधकर 30 सेकंड में बनाई गणेश जी की तस्वीर, वाराणसी के कलाकार का अनोखा हुनर
वाराणसी यानी काशी में एक कलाकार अपनी अनोखी चित्रकारी की वजह से चर्चा में हैं। आंखों पर पट्टी बांधकर भगवान गणेश का चित्र बनाना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं लगता। सामने कैनवास हो, हाथों में रंग हों और आंखों पर पूरी तरह पट्टी बंधी हो, इसके बावजूद वह कुछ ही सेकंड में गणपति की आकृति कैनवास पर उकेर देते हैं।
इन कलाकार का नाम **विजय कुमार** है। उनका परिवार कई पीढ़ियों से मूर्ति निर्माण और कला के क्षेत्र से जुड़ा रहा है। बचपन से ही भगवान गणेश के प्रति उनकी गहरी आस्था रही है। विजय के लिए यह कला केवल चित्रकारी नहीं, बल्कि गणपति की साधना और आराधना का हिस्सा है।
## आंखों पर पट्टी और कुछ सेकंड में तैयार गणेश चित्र
विजय जब आंखों पर पट्टी बांधकर कैनवास के सामने बैठते हैं तो देखने वाले हैरान रह जाते हैं। उन्हें न तो कैनवास दिखाई देता है और न ही रंगों से बनने वाली आकृति। इसके बावजूद उनके हाथ बेहद आत्मविश्वास के साथ चलते हैं और कुछ ही देर में भगवान गणेश की तस्वीर आकार लेने लगती है।
विजय का कहना है कि आंखें बंद होने के बावजूद उनके मन में गणपति की छवि स्पष्ट रहती है। इसी मानसिक छवि के आधार पर वह रंगों और रेखाओं को कैनवास पर उतारते हैं।
उनकी इस कला का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह आंखों पर पट्टी बांधकर भगवान गणेश का चित्र बनाते दिखाई दे रहे हैं। उनकी यह कला लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
## 35 वर्षों से गणपति की साधना
विजय पिछले करीब 35 वर्षों से भगवान गणेश की साधना और उनसे जुड़ी कलाकृतियां बनाने में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि वह बचपन से ही गणपति की पूजा करते आ रहे हैं।
विजय के लिए दिन की शुरुआत भी गणेश साधना से होती है। वह अपनी दुकान पर पहुंचने के बाद सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण और अभ्यास करते हैं। उनका मानना है कि लगातार अभ्यास और आस्था ने उन्हें इस तरह चित्र बनाने की क्षमता दी है।
## भतीजे की चुनौती से बदला चित्रकारी का अंदाज
विजय ने बताया कि आंखों पर पट्टी बांधकर चित्र बनाने का प्रयोग उनके जीवन में एक चुनौती के तौर पर आया। उनके भतीजे ने उन्हें इस तरह चित्र बनाने की चुनौती दी थी। इसके बाद उन्होंने अभ्यास शुरू किया और धीरे-धीरे आंखों पर पट्टी बांधकर भगवान गणेश की आकृति बनाने में महारत हासिल कर ली।
आज वह इस तकनीक से लोगों के सामने लाइव चित्र बनाते हैं। उनके हाथों की गति और गणेश की आकृति को आकार लेते देख लोग काफी हैरान होते हैं।
## कई तरह की चीजों पर बना चुके हैं गणेश की आकृति
विजय की कला सिर्फ कैनवास तक सीमित नहीं है। वह छोटी-छोटी वस्तुओं पर भी भगवान गणेश की आकृति उकेरने का काम करते हैं। उन्होंने तेजपत्ता और रुद्राक्ष जैसी चीजों पर भी गणेश की आकृतियां बनाई हैं।
उनका कहना है कि रंग और रेखाएं उनके लिए सिर्फ कला के माध्यम नहीं हैं, बल्कि भगवान गणेश के प्रति उनकी श्रद्धा व्यक्त करने का जरिया हैं।
विजय का परिवार लंबे समय से मूर्ति निर्माण से जुड़ा रहा है। बचपन में उन्होंने पत्थरों को तराशने और मूर्तियां बनाने की बारीकियां भी सीखीं। इसी पारिवारिक परंपरा ने उनकी कला को और मजबूत किया।
## गणेश भक्ति और कला का अनोखा संगम
विजय की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनके लिए चित्रकारी और आध्यात्मिक साधना एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। वह भगवान गणेश को मन में रखकर चित्र बनाते हैं और इसे अपनी साधना का हिस्सा मानते हैं।
विजय पहले भी भगवान गणेश की हजारों आकृतियां बनाने के लिए चर्चा में रह चुके हैं। उनके नाम गणेश चित्रकारी से जुड़े रिकॉर्ड का भी उल्लेख मिलता है।
काशी के इस कलाकार की आंखों पर पट्टी बांधकर गणेश चित्र बनाने की कला अब लोगों के बीच कौतूहल का विषय बनी हुई है। उनके लिए यह हुनर केवल लोगों को हैरान करने का माध्यम नहीं, बल्कि वर्षों की साधना, अभ्यास और भगवान गणेश के प्रति आस्था का परिणाम है।



