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कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में फरार आरोपियों पर पुलिस ने बढ़ाया दबाव, तलाश जारी

कौशांबी के मोहम्मदपुर मनौरी स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के मामले में पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में दबिश देकर उन पर दबाव बढ़ा रही है।

कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: तीन फरार आरोपियों पर इनाम घोषित, पुलिस की दबिश तेज

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर मनौरी में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने मामले में फरार चल रहे शकील, कहकशा और आदिल पर इनाम घोषित करते हुए उनकी तलाश तेज कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

इस मामले में पिपरी थाने में छह नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में नौशाद अली, शकील, शबाना, कहकशा, आदिल और शाइना को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार, जांच में मुख्य आरोपी के रूप में नौशाद अली का नाम सामने आया। पुलिस अब पटाखा फैक्ट्री के संचालन के साथ ही विस्फोटक सामग्री की खरीद, भंडारण और आपूर्ति से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

मोहम्मदपुर मनौरी स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 11 लोगों की जान चली गई थी, जबकि पांच लोग घायल हुए थे। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री के साथ आसपास के कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। घटना के बाद पुलिस, प्रशासन, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया था। घायलों को उपचार के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई

विस्फोट के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका और फैक्ट्री के संचालन को लेकर गंभीर सवाल उठे। शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने के बाद पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह, चायल चौकी प्रभारी अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी मनीष पाल को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं, बीट सिपाही जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को निलंबित किया गया है।

जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा के मुताबिक, फैक्ट्री का लाइसेंस वर्ष 2024 में निलंबित किया जा चुका था। इसके बावजूद वहां पटाखों का निर्माण और भंडारण किसकी मिलीभगत से जारी था, इसकी जांच कराई जा रही है। प्रशासन ने मुख्य आरोपी से जुड़े गोदाम पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की है।

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