
अलवर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति पर विवाद, मंत्री संजय शर्मा धरने पर बैठे
राजस्थान के अलवर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर चल रहा विवाद अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। करीब सात साल से नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे सफाई कर्मचारियों के समर्थन में राजस्थान सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा खुद मैदान में उतर आए और नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए।
मंत्री के धरने के बाद यह मामला प्रशासन और सरकार के लिए चर्चा का विषय बन गया है। कर्मचारियों की मांग है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं।
सालों से नियुक्ति पत्र का इंतजार
जानकारी के मुताबिक, कई सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उन्हें अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिल पाए थे। कर्मचारी लंबे समय से नगर निगम के चक्कर लगा रहे थे और अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे।
कर्मचारियों का कहना है कि चयन होने के बावजूद नौकरी ज्वाइन करने का मौका नहीं मिलना उनके लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
कर्मचारियों के समर्थन में उतरे मंत्री
मामला बढ़ने के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा सफाई कर्मचारियों के समर्थन में नगर निगम पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया।
मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के साथ न्याय होना चाहिए और लंबे समय से लंबित मामले का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
अधिकारियों से बातचीत के बाद हल की कोशिश
मंत्री के धरने के बाद नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बातचीत की। अधिकारियों की ओर से मामले की समीक्षा कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
प्रशासन अब भर्ती प्रक्रिया, दस्तावेजों और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर आगे की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है।
राजनीतिक मुद्दा बना मामला
सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति का यह मामला अब राजनीतिक रूप भी ले चुका है। विपक्ष ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि अगर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी तो कर्मचारियों को इतने लंबे समय तक इंतजार क्यों करना पड़ा।
वहीं, सरकार का कहना है कि मामले का समाधान नियमों के अनुसार जल्द किया जाएगा।
कर्मचारियों की मुख्य मांग
सफाई कर्मचारियों की मांग है कि चयनित उम्मीदवारों को बिना देरी किए नियुक्ति पत्र दिए जाएं और वर्षों से लंबित प्रक्रिया को पूरा किया जाए।
निष्कर्ष:
अलवर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति का विवाद अब प्रशासनिक मुद्दे से आगे बढ़कर राजनीतिक मामला बन गया है। मंत्री संजय शर्मा के धरने के बाद प्रशासन पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है। अब कर्मचारियों की नजर नियुक्ति पत्र जारी होने पर है।

