सपा के राज्यसभा उम्मीदवार धनराज नथवानी पर AIMIM का हमला, शादाब चौहान ने उठाए सवाल
धनराज परिमल नथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने सपा और अखिलेश यादव पर सवाल उठाए।

# सपा के राज्यसभा उम्मीदवार धनराज नथवानी पर AIMIM का हमला, शादाब चौहान ने उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने बुधवार को अपने दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करते हुए प्रोफेसर रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया। दोनों ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया।
धनराज नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सपा के इस फैसले पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान ने सपा और अखिलेश यादव पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सपा की राजनीति और धनराज नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर कई आरोप लगाए।
## कौन हैं धनराज परिमल नथवानी?
धनराज परिमल नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े उद्योग जगत के पेशेवर हैं। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट के तौर पर काम करते हैं। उनके पिता परिमल नथवानी राज्यसभा सांसद हैं और एनडीए के समर्थन से झारखंड से उच्च सदन पहुंचे थे। सपा द्वारा धनराज नथवानी को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके नाम को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
सपा ने फिलहाल दो उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक किए हैं। पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी हुई है। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हुई है और मतदान 16 अक्टूबर को होगा।
## AIMIM ने सपा पर लगाए आरोप
धनराज नथवानी के नाम के ऐलान के बाद AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने सपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा बीजेपी के खिलाफ वोट मांगती है, लेकिन राज्यसभा के लिए ऐसे परिवार से जुड़े व्यक्ति को उम्मीदवार बना रही है, जिसके पिता एनडीए के सहयोग से राज्यसभा सांसद हैं। यह शादाब चौहान का राजनीतिक आरोप है, सपा की ओर से इस आरोप को लेकर कोई सहमति व्यक्त नहीं की गई है।
शादाब चौहान ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में सपा की मुस्लिम राजनीति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों से बीजेपी के खिलाफ वोट मांगे जाते हैं, जबकि राज्यसभा उम्मीदवार चुनने के दौरान बीजेपी समर्थित परिवार से जुड़े व्यक्ति को मौका दिया गया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सपा में मुस्लिम नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका केवल पार्टी संगठन तक सीमित है।
## अपर्णा यादव के जरिए ‘डील’ का भी सवाल
AIMIM प्रवक्ता ने अपने आरोपों के दौरान यह सवाल भी उठाया कि क्या धनराज नथवानी की उम्मीदवारी को लेकर कोई राजनीतिक समझौता बीजेपी नेता और अखिलेश यादव की भाभी अपर्णा यादव के जरिए हुआ है। हालांकि, यह AIMIM नेता द्वारा उठाया गया सवाल है और उपलब्ध रिपोर्ट में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।
शादाब चौहान ने इसी मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव पर राजनीतिक हमला करते हुए सपा की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सपा की ओर से किए जाने वाले राजनीतिक दावों और राज्यसभा उम्मीदवार के चयन के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। AIMIM की यह प्रतिक्रिया धनराज नथवानी के नाम की घोषणा के तुरंत बाद सामने आई है।
## सपा ने क्या किया ऐलान?
समाजवादी पार्टी ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर प्रोफेसर रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी के नाम राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर घोषित किए। दोनों उम्मीदवारों ने अखिलेश यादव और पार्टी के नेताओं की मौजूदगी में नामांकन प्रक्रिया पूरी की। रामगोपाल यादव सपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव हैं तथा लंबे समय से राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं।
धनराज नथवानी के नाम को सपा की ओर से अपेक्षाकृत अप्रत्याशित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है। उनके नाम की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस पर चर्चा शुरू हो गई है कि सपा राज्यसभा चुनाव में अपनी रणनीति को किस तरह आगे बढ़ाती है। तीसरे उम्मीदवार के नाम को लेकर भी नजरें पार्टी के अगले फैसले पर टिकी हैं।
राज्यसभा चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में उम्मीदवारों के चयन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज होना स्वाभाविक है। फिलहाल धनराज नथवानी की उम्मीदवारी पर AIMIM की आपत्ति और शादाब चौहान के आरोपों ने इस चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस को और बढ़ा दिया है।



