खबर

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए करें हरसंभव प्रयास*

*मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए करें हरसंभव प्रयास*


*कलेक्टर ने पवई एवं शाहनगर में ली समीक्षा बैठक*
*स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन के दिए निर्देश*

*रिपोर्टर – एम पी सी जी Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट*

एंकर-
पन्ना जिले कलेक्टर ऊषा परमार ने कहा है कि प्रत्येक गांव में हर गर्भवती महिला का एएनसी पंजीयन एवं आवश्यक जांच समय पर सुनिश्चित हो। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाए। समयबद्ध रूप से स्वास्थ्य विभाग की जनहितैषी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ भी आम जनता एवं हितग्राहियों को मिले। जिला कलेक्टर ने गुरूवार को पवई एवं शाहनगर विकासखंड में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उक्ताशय के निर्देश दिए। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी. तिवारी, एसडीएम समीक्षा जैन एवं रामनिवास चौधरी, तहसीलदार रत्नराशि पाण्डेय एवं कोमल सिंह, बीएमओ डॉ. सर्वेश लोधी एवं परियोजना अधिकारी राजकुमारी सिंह भी उपस्थित रहीं।
कलेक्टर श्रीमती परमार ने कहा कि विभागीय योजनाओं में कार्ययोजना मुताबिक मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन किया जाए। समय पर लक्ष्यपूर्ति का प्रयास भी करें। सभी अधिकारी-कर्मचारी गंभीरतापूर्वक दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सफलता में आशा एवं एएनएम का महत्वपूर्ण योगदान है। एएनसी पंजीयन एवं जांच व समय-समय पर घर-घर संपर्क कर फॉलोअप गतिविधियों के माध्यम से निश्चित ही मातृ-शिशु मृत्यु दर पर रोकथाम लगेगी। उन्होंने मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा निरंतर संपर्क के जरिए महिलाओं को स्तनपान एवं पोषण के महत्व से अवगत कराने की सलाह दी। साथ ही कहा कि महिलाओं में एनीमिया एवं बीपी जैसे लक्षणों का समय पर उपचार किया जाए। टीकाकरण का लाभ भी समय पर सभी पात्रजनों को मिलना चाहिए। जिला कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रथम तिमाही में एएनसी चेकअप की व्यवस्था सुनिश्चित कर हाईरिस्क प्रेग्नेंसी का चिन्हांकन करें तथा संवेदनशीलता के साथ नियमित रूप से महिला की काउंसलिंग की जाए। साथ ही परस्पर विभागीय समन्वय से टीम वर्क के साथ कार्य कर मरीज एवं आमजनता से बेहतर व्यवहार रखें। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना सहित टीबी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत भी उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ें। बैठक में जनसंख्या के विरूद्ध एएनसी पंजीयन न होने तथा जांच व उपचार में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई सहित जिम्मेवारी तय कर विभागीय जांच की चेतावनी भी दी गई।
जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि आशा, एएनएम एवं सीएचओ अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण के जरिए वस्तुस्थिति का अवलोकन एवं मॉनिटरिंग करें। विशेष रूप से पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों में फ़ोकस कर समस्याओं का निराकरण किया जाए। मैदानी अधिकारी द्वारा कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर पोर्टल पर एंट्री कराना भी सुनिश्चित करें। नियमित रूप से जनहित की मंशा के साथ कार्य को अंजाम दें। फील्ड में मुस्तैदी के साथ कार्य करें और समय सीमा में प्रगति में सुधार लाना सुनिश्चित किया जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button