उत्तर प्रदेश

मजदूरों के बच्चों के सपनों को मिले पंख! अटल आवासीय विद्यालय में 718 विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा, हॉस्टल और भोजन की सुविधा

उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालय में श्रमिक परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा, हॉस्टल और भोजन की सुविधा, IAS, IPS, डॉक्टर और जज बनने का सपना देख रहे विद्यार्थी

# मजदूरों के बच्चों के सपनों को मिले पंख! अटल आवासीय विद्यालय में 718 विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा, हॉस्टल और भोजन की सुविधा

**उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालय में श्रमिक परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा, हॉस्टल और भोजन की सुविधा मिल रही है। स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक शैक्षणिक माहौल के बीच विद्यार्थी IAS, IPS, डॉक्टर, शिक्षक और जज बनने का सपना देख रहे हैं।**

**मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश।** माता-पिता ईंट-भट्ठों पर मजदूरी करते हों या निर्माण स्थलों पर मेहनत करके परिवार का पेट पालते हों, ऐसे परिवारों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा हासिल करना अक्सर बड़ी चुनौती होती है। आर्थिक तंगी के कारण कई परिवार अपने बच्चों को महंगे निजी स्कूलों में नहीं पढ़ा पाते। ऐसे में उत्तर प्रदेश का अटल आवासीय विद्यालय श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है।

विद्यालय में फिलहाल 718 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। यहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रहने, खाने और पढ़ाई से जुड़ी जरूरी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे श्रमिक परिवारों पर बच्चों की शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होता है और विद्यार्थियों को अपने भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर मिलता है।

## स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा

अटल आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशालाओं की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बच्चों के रहने के लिए हॉस्टल, भोजन के लिए मेस और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

विद्यालय में रहने और खाने की व्यवस्था होने से विद्यार्थियों को घर से दूर रहकर भी नियमित पढ़ाई करने का अवसर मिलता है। जिन परिवारों के लिए शिक्षा और आवास का खर्च उठाना मुश्किल है, उनके बच्चों के लिए ये सुविधाएं काफी महत्वपूर्ण हैं।

## IAS, IPS और डॉक्टर बनने का सपना देख रहे विद्यार्थी

विद्यालय में पढ़ने वाले कई विद्यार्थी भविष्य में बड़े पदों पर पहुंचकर देश और समाज की सेवा करना चाहते हैं। बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलने से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और वे अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

**राजेंद्र कुमार बनना चाहते हैं IAS अधिकारी**

कक्षा आठवीं के विद्यार्थी राजेंद्र कुमार पहले अपने गांव के माध्यमिक विद्यालय में पढ़ते थे। अटल आवासीय विद्यालय में आने के बाद उन्हें बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल मिला है। राजेंद्र का सपना आगे चलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अधिकारी बनना है।

**लक्षिता सेना में डॉक्टर बनकर करना चाहती हैं देश की सेवा**

कक्षा 11वीं की छात्रा लक्षिता एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती हैं। उनके पिता श्रमिक हैं। लक्षिता बताती हैं कि विद्यालय में आने से पहले उन्हें अपने भविष्य को लेकर स्पष्टता नहीं थी। यहां बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिलने के बाद उन्हें अपने लक्ष्य को पहचानने में मदद मिली। अब वह सेना में डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं।

**ऋतिका चौहान बनना चाहती हैं शिक्षिका**

कक्षा दसवीं की छात्रा ऋतिका चौहान के पिता मजदूरी करते हैं। ऋतिका के मुताबिक, उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इतने अच्छे विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलेगा। अब वह अपनी पढ़ाई पूरी करके शिक्षिका बनना चाहती हैं।

**उदय प्रताप का लक्ष्य IAS अधिकारी बनना**

कक्षा 11वीं के विद्यार्थी उदय प्रताप के पिता श्रमिक हैं। उदय बताते हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निजी स्कूलों की फीस वहन करना मुश्किल होता है। अटल आवासीय विद्यालय में बेहतर सुविधाएं मिलने से उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने का अवसर मिला है। उन्होंने ह्यूमैनिटीज विषय चुना है और आगे चलकर सिविल सेवा में शामिल होकर IAS अधिकारी बनना चाहते हैं।

**भुवनेश बनना चाहती हैं जज**

कक्षा दसवीं की छात्रा भुवनेश के पिता राजमिस्त्री हैं। भुवनेश बताती हैं कि पहले उन्हें आगे की पढ़ाई और भविष्य को लेकर चिंता रहती थी। अब विद्यालय में बेहतर सुविधाएं मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। वह आगे चलकर जज बनना चाहती हैं।

**दिव्यांशी का सपना IPS अधिकारी बनना**

कक्षा नौवीं की छात्रा दिव्यांशी पहले अपने गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ती थीं। उनके पिता खेती-किसानी का काम करते हैं। दिव्यांशी के अनुसार, अटल आवासीय विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलने से उन्हें अपने भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने की प्रेरणा मिली है। उनका सपना भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में अधिकारी बनना है।

## विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर

विद्यालय में केवल किताबी पढ़ाई ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के ज्ञान और व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों को अंग्रेजी अखबार पढ़ने और अपनी जानकारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और अपने करियर के लक्ष्य तय करने का अवसर मिल रहा है।

विद्यालय में बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं को और बेहतर बनाने की तैयारी भी की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था को लेकर भी योजना है।

## 1,000 विद्यार्थियों तक क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य

विद्यालय में फिलहाल 718 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। आगे चलकर इसकी क्षमता बढ़ाकर कक्षा 12वीं तक करीब 1,000 विद्यार्थियों को शिक्षा देने का लक्ष्य बताया गया है। इससे अधिक श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य टी.पी. सिंह के मुताबिक, विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने और उनके भविष्य के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद देने पर ध्यान दिया जा रहा है।

## श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए नई उम्मीद

अटल आवासीय विद्यालय उन बच्चों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है, जिनके परिवार आर्थिक परेशानियों के कारण महंगी शिक्षा का खर्च नहीं उठा सकते। मुफ्त शिक्षा, हॉस्टल, भोजन और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के बीच विद्यार्थी अपने भविष्य के बड़े सपने देख रहे हैं।

राजेंद्र कुमार IAS अधिकारी बनना चाहते हैं, लक्षिता सेना में डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं, ऋतिका शिक्षिका बनना चाहती हैं, उदय प्रताप सिविल सेवा में जाना चाहते हैं, भुवनेश जज और दिव्यांशी IPS अधिकारी बनने का लक्ष्य लेकर पढ़ाई कर रही हैं।

इन विद्यार्थियों की कहानियां बताती हैं कि बेहतर शिक्षा और अनुकूल माहौल बच्चों को अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने का अवसर दे सकते हैं। अटल आवासीय विद्यालय का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर उनके भविष्य को बेहतर बनाने में मदद करना है।

**स्रोत:** आज तक की रिपोर्ट।

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