पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक, रूस ने जताई चिंता; काबुल ने दी जवाब की चेतावनी
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की, रूस ने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और तनाव कम करने की अपील की

# पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक, रूस ने जताई चिंता; काबुल ने दी जवाब की चेतावनी
**काबुल:** पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान ने गुरुवार तड़के अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर एयर और ड्रोन स्ट्राइक करने की जानकारी दी। पाकिस्तान के मुताबिक, इन ठिकानों का इस्तेमाल ड्रोन को रखने और लॉन्च करने के लिए किया जा रहा था। यह कार्रवाई अफगानिस्तान की ओर से सीमा पार ड्रोन हमलों के जवाब में की गई।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि हमले सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए और इन्हें पाकिस्तान की आत्मरक्षा के अधिकार के तहत अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।
## 10 ठिकानों पर हमले का दावा
पाकिस्तान के अनुसार, उसकी सेना ने अफगानिस्तान में 10 ऐसे स्थानों को निशाना बनाया, जहां कथित तौर पर ड्रोन रखे और लॉन्च किए जाते थे। पाकिस्तानी पक्ष ने इन हमलों को सटीक और सीमित सैन्य कार्रवाई बताया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, गुरुवार की कार्रवाई अफगानिस्तान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित खोस्त प्रांत के कई इलाकों में हुई। खोस्त के स्थानीय प्रशासन के प्रवक्ता ने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ सीमा पार हमलों के लिए किया जा रहा है। वहीं, तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है।
## रूस ने जताई चिंता
इस बार पाकिस्तान की कार्रवाई पर रूस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। काबुल स्थित रूसी दूतावास ने अफगानिस्तान में पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक से जुड़ी नागरिकों के हताहत होने की खबरों पर चिंता जताई है।
रूसी दूतावास ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव को और बढ़ने से रोकने की अपील की। रूस ने विवादों को बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से हल करने पर जोर दिया है।
रूस आम तौर पर इस तरह के क्षेत्रीय विवादों में संतुलित प्रतिक्रिया देने की कोशिश करता है, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम में उसने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता सार्वजनिक रूप से जाहिर की है।
## अफगानिस्तान ने दी जवाब की चेतावनी
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक को अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया है। अफगान विदेश मंत्रालय ने इससे पहले पाकिस्तानी राजनयिक को तलब कर हमलों के खिलाफ औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया था।
अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान के उस आरोप को भी खारिज किया है कि हाल के आतंकी हमलों की योजना अफगानिस्तान की जमीन से बनाई गई थी। अफगान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान को अपने सुरक्षा मुद्दों का समाधान अपने स्तर पर करना चाहिए।
अफगान तालिबान के प्रवक्ता की ओर से पहले भी कहा गया है कि पाकिस्तानी हमलों का जवाब दिया जाएगा। सितंबर में हुई पिछली एयर स्ट्राइक के बाद भी काबुल ने इसे आक्रामक कार्रवाई बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
## पहले भी हो चुकी है एयर स्ट्राइक
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार तनाव पिछले कई महीनों से जारी है। 21 सितंबर को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में एयर स्ट्राइक की थी। पाकिस्तान ने दावा किया था कि इस कार्रवाई में 28 आतंकवादी मारे गए, जबकि अफगान अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कम से कम तीन नागरिकों की मौत की पुष्टि की थी।
अफगानिस्तान ने उस कार्रवाई को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए विरोध दर्ज कराया था। पाकिस्तान का कहना है कि वह अपने यहां होने वाले आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार समूहों के ठिकानों को निशाना बना रहा है।
## तनाव की वजह क्या है?
पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े कुछ समूह अफगानिस्तान में मौजूद ठिकानों से पाकिस्तान के खिलाफ हमले करते हैं। तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती है।
हाल के दिनों में पाकिस्तान में सुरक्षा बलों और पुलिस प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान को अपनी जमीन से संचालित होने वाली गतिविधियों के खिलाफ ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं, काबुल का कहना है कि पाकिस्तान अपने आंतरिक सुरक्षा संकट के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहरा रहा है।
## मध्यस्थता की कोशिशों पर भी असर
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता तनाव क्षेत्रीय स्तर पर भी चिंता का विषय बन गया है। चीन, तुर्की, कतर और सऊदी अरब जैसे देश दोनों पक्षों के बीच तनाव कम कराने और बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर चुके हैं। लगातार सैन्य कार्रवाई से इन कूटनीतिक प्रयासों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।



