नेपाल से पहले तिब्बत में मची थी तबाही, फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड ने मचाया कहर; 3 की मौत, 265 लापता
ग्यिरोंग पोर्ट इलाके में लैंडस्लाइड के बाद पहाड़ी नदियों में आया सैलाब, वायरल वीडियो में दिखा तबाही का खौफनाक मंजर

## नेपाल से पहले तिब्बत में मची थी तबाही, फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड ने मचाया कहर; सामने आया खौफनाक मंजर
नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। बाढ़ और लैंडस्लाइड ने हिमालयी इलाके में भारी तबाही मचाई है। लेकिन नेपाल में सैलाब पहुंचने से पहले तिब्बत की तरफ भी हालात बेहद भयावह हो चुके थे। तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट इलाके में लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया।
### तिब्बत में लैंडस्लाइड के बाद आया सैलाब
रिपोर्टों के मुताबिक, नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ऊपरी हिमालयी इलाके में ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने और उसके बाद मलबा नदी में गिरने से हालात बिगड़े। इससे नदी का प्रवाह बाधित हुआ और बाद में पानी, मिट्टी और चट्टानों का तेज बहाव नीचे की ओर आया। इसी फ्लैश फ्लड ने नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में भी भारी तबाही मचाई।
तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट इलाके में इस प्राकृतिक आपदा का असर साफ दिखाई दिया। चीन की सरकारी एजेंसी के अनुसार, लैंडस्लाइड के बाद पोर्ट तक जाने वाली सड़कें, बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
### वायरल वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर
तिब्बत की तरफ से सामने आए वीडियो में पहाड़ी नदी का बेहद तेज बहाव दिखाई दे रहा है। नदी का पानी लकड़ी, पत्थर, कीचड़ और मलबे से भरा हुआ नजर आया। कुछ वीडियो में मलबे का विशाल गुबार और पानी का तेज सैलाब इलाके में तेजी से फैलता दिखाई देता है।
सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ फुटेज में पानी और मलबे का वेग इतना तेज दिख रहा है कि उसके रास्ते में आने वाली गाड़ियां और दूसरी चीजें बहती नजर आती हैं। नेपाल में भी इसी तरह के सैलाब ने घरों, पुलों और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचाया।
### तिब्बत में 3 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता
चीनी अधिकारियों की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में इस आपदा के बाद कम से कम **3 लोगों की मौत** हुई थी और **265 लोग लापता** बताए गए थे। हालांकि बाद में तलाशी अभियान बढ़ने के साथ लापता लोगों की संख्या को लेकर नए आंकड़े सामने आए हैं।
चीनी प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। करीब 800 आपातकालीन कर्मियों और बड़ी संख्या में वाहनों को अभियान में लगाया गया था। प्रभावित इलाकों में खोजी कुत्तों और बचाव उपकरणों की मदद भी ली जा रही है।
### नेपाल में भी भारी तबाही
इस आपदा का सबसे भयावह असर नेपाल में दिखाई दिया। फ्लैश फ्लड और मलबे के तेज बहाव ने कई बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाल में कम से कम 157 शव बरामद किए गए हैं, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। कई विदेशी पर्यटक और भारतीय तीर्थयात्री भी लापता बताए गए हैं।
राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। लेकिन ऊंचे जलस्तर, मलबे और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण कई इलाकों तक पहुंचना बेहद मुश्किल बना हुआ है।
### कैसे शुरू हुई इतनी बड़ी तबाही?
शुरुआती रिपोर्टों में भूकंप को हादसे की वजह माना गया था, लेकिन बाद में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आकलन में संकेत मिला कि असल में ग्लेशियर के टूटने और उसके बाद हुए मलबे के बहाव से यह आपदा शुरू हुई। ग्लेशियर का हिस्सा ऊंचाई से टूटकर नीचे गिरा, अपने साथ चट्टान और मलबा लेकर नदी में पहुंचा और इसके बाद अचानक भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर बह निकला।
इस घटना ने नेपाल और तिब्बत के हिमालयी क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड के खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है। दोनों तरफ राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन संभावित दूसरे सैलाब के खतरे पर भी नजर बनाए हुए है।
