
दिल्ली SIR के बाद 31 अगस्त को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 47.7 लाख नामों पर क्यों है सवाल?
सबटाइटल:
दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद सोमवार, 31 अगस्त को मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा. फॉर्म जमा नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि नाम हमेशा के लिए कट गए हैं.
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की प्रक्रिया के बाद अब सोमवार, 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी. इस सूची के सामने आने के साथ ही यह साफ होगा कि पुनरीक्षण के दौरान कितने मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल हैं और कितने नाम फिलहाल बाहर रह गए हैं.
SIR के दौरान मतदाताओं से संबंधित फॉर्म जमा कराए गए थे. निर्वाचन आयोग के अनुसार, दिल्ली में बड़ी संख्या में मतदाताओं के फॉर्म अब तक जमा नहीं हो पाए हैं. बताया गया है कि करीब 47.7 लाख मतदाताओं के फॉर्म जमा नहीं हुए हैं. ऐसे मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान ‘अनकलेक्टेबल’ श्रेणी में रखा गया है.
ड्राफ्ट लिस्ट से नाम बाहर होने का क्या मतलब?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि किसी मतदाता का नाम 31 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट सूची में नहीं मिलता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसका नाम हमेशा के लिए मतदाता सूची से काट दिया गया है.
फिलहाल यह एक प्रारूप यानी ड्राफ्ट सूची होगी. इसमें नाम नहीं होने की स्थिति में संबंधित मतदाता को अपना दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा. इसके बाद दस्तावेजों और दावे की जांच के आधार पर अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी.
इसलिए जिन लोगों को ड्राफ्ट सूची में अपना नाम नहीं मिलता, उन्हें घबराने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना दावा पेश करना चाहिए.
47.7 लाख मतदाताओं के फॉर्म नहीं हुए जमा
SIR के दौरान बाकी बचे करीब 47.7 लाख मतदाताओं के फॉर्म जमा नहीं हो पाए. निर्वाचन आयोग ने ऐसे मतदाताओं को ASDDOF श्रेणी में रखा है. इस श्रेणी में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट जैसे मामलों से जुड़े मतदाता शामिल किए जाते हैं.
फॉर्म जमा नहीं होने के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं. कुछ लोग अपने पते पर उपलब्ध नहीं रहे होंगे, कुछ मतदाता स्थानांतरित हो चुके होंगे, जबकि कुछ मामलों में मतदाता की मृत्यु या डुप्लीकेट प्रविष्टि की स्थिति हो सकती है.
इसी वजह से ड्राफ्ट मतदाता सूची में नामों को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ी हुई है.
नाम नहीं मिले तो क्या करें?
31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद मतदाताओं को सबसे पहले अपना नाम सूची में जांचना चाहिए. यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो उसे दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया का इस्तेमाल करना होगा.
मतदाताओं को अपने नाम, पते और अन्य विवरणों की भी जांच करनी चाहिए. किसी तरह की गलती मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है.
अंतिम सूची से पहले मिलेगा मौका
ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद यह प्रक्रिया यहीं खत्म नहीं होगी. पात्र मतदाताओं को अपने नाम को लेकर दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा. निर्वाचन अधिकारियों की ओर से इन दावों की जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी.
इसलिए फिलहाल ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने को अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए. जिन लोगों का नाम छूट गया है, उनके लिए दावा करने का रास्ता खुला रहेगा.
दिल्ली के मतदाताओं के लिए 31 अगस्त की तारीख इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन SIR के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची सामने आएगी. इसके बाद यह तस्वीर साफ होगी कि कितने नाम सूची में शामिल हैं और कितने मतदाताओं को अपने नाम के लिए दावा या आपत्ति की प्रक्रिया अपनानी होगी.



