दार्जिलिंग में भारी बारिश का कहर, बालासन नदी में बहा दूधिया पुल का हिस्सा; सिलीगुड़ी-मिरिक मार्ग प्रभावित
तेज बहाव में अस्थायी ह्यूम पाइप पुल का बड़ा हिस्सा बहा, वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा जा रहा

# दार्जिलिंग में भारी बारिश से दूधिया पुल का हिस्सा बहा, सिलीगुड़ी-मिरिक संपर्क प्रभावित
**दार्जिलिंग:** पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के दूधिया इलाके में भारी बारिश के बाद बालासन नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी के तेज बहाव में दूधिया स्थित अस्थायी ह्यूम पाइप पुल का एक बड़ा हिस्सा बह गया। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद सिलीगुड़ी और मिरिक के बीच सीधा सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है।
उत्तर बंगाल के कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण बालासन नदी में पानी का बहाव तेज हो गया। तेज धार का दबाव अस्थायी पुल पर पड़ा और उसका एक हिस्सा पानी के साथ बह गया। यह पुल पहले से ही अस्थायी व्यवस्था के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था।
### सिलीगुड़ी-मिरिक मार्ग पर आवाजाही प्रभावित
पुल का हिस्सा बहने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। सिलीगुड़ी और मिरिक के बीच आने-जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है। इससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है और यात्रा का समय भी बढ़ सकता है।
प्रशासन ने लोगों को क्षतिग्रस्त पुल के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। नदी में तेज बहाव के कारण पुल के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है। अधिकारियों और आपातकालीन टीमों की ओर से बालासन नदी के जलस्तर और आसपास की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
### लगातार बारिश से बढ़ी चुनौती
इलाके में बारिश जारी रहने के कारण पुल की मरम्मत या वैकल्पिक संपर्क बहाल करने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रभावित मार्ग पर यातायात को सुरक्षित तरीके से संचालित करना है।
दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण इससे पहले भी बालासन नदी पर बने अस्थायी पुल को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सितंबर में भारी बारिश के बाद दूधिया पुल के एक हिस्से के बहने से मैदानी क्षेत्र और मिरिक के बीच सीधा संपर्क बाधित होने की रिपोर्ट सामने आई थी।
### लोगों से सावधानी बरतने की अपील
बारिश और नदी के तेज बहाव को देखते हुए लोगों को नदी किनारे और क्षतिग्रस्त पुल के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है। खासकर वाहन चालकों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और निर्धारित वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
फिलहाल सिलीगुड़ी-मिरिक मार्ग पर यातायात सामान्य नहीं हुआ है। बारिश और नदी के जलस्तर की स्थिति को देखते हुए आगे संपर्क मार्ग बहाल करने को लेकर प्रशासन की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं।



