गोंडा में धारदार हथियार से हमला, घायल बर्तन व्यापारी विनोद साहनी की मौत
शुरुआती खबर में धारदार हथियार से हमला बताया गया था, लेकिन बाद की पुलिस/पोस्टमार्टम जानकारी में गोली या धारदार हथियार के घाव नहीं मिलने और लाठी से चोट लगने की बात कही गई है। इसलिए प्रकाशित कॉपी में दोनों पक्षों की जानकारी रखना अधिक सुरक्षित है।

गोंडा में धारदार हथियार से हमले में गंभीर रूप से घायल हुए बर्तन व्यापारी विनोद साहनी (45) की लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बुधवार रात दुकान बंद कर घर लौट रहे विनोद पर रास्ते में कुछ लोगों ने हमला किया था। गंभीर हालत में उन्हें पहले इलाज के लिए ले जाया गया, जिसके बाद बेहतर उपचार के लिए लखनऊ के केजीएमयू रेफर किया गया था।
इलाज के दौरान गुरुवार को विनोद ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
दो नामजद आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
बाद की पुलिस जानकारी के मुताबिक मामले में तीन नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। साथ ही घटना में पुलिस की भूमिका को लेकर भी कार्रवाई हुई है और तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई अलग जानकारी
घटना के शुरुआती विवरणों में धारदार हथियार से हमला किए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, बाद में पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर बताया कि विनोद साहनी के शरीर पर गोली या धारदार हथियार के घाव नहीं मिले हैं। पुलिस के अनुसार उन्हें लाठियों से पीटे जाने के कारण गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और केजीएमयू में इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक घटना से पहले सोशल मीडिया पर कुछ कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर विवाद की बात भी जांच में सामने आई है। इस पहलू समेत पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
केजीएमयू में मंत्री संजय निषाद का धरना
विनोद साहनी की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने लखनऊ के केजीएमयू में धरना दिया। उन्होंने मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने भी मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग उठाई।
पुलिस ने बताया है कि विनोद की मौत के बाद एफआईआर में संबंधित धाराएं बढ़ाई गई हैं और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। मामले की जांच जारी है।



