उमर अब्दुल्ला की कैबिनेट फेरबदल से NC में बगावत, नाराज विधायकों की गुप्त बैठक से बढ़ी सियासी हलचल
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कैबिनेट फेरबदल से नाराज नेशनल कॉन्फ्रेंस के बागी विधायकों की बंद कमरे में तीसरी बैठक, मुबारक गुल के अल्टीमेटम और सांसद रुहुल्लाह के इस्तीफे से पार्टी में बढ़ी हलचल।

# उमर अब्दुल्ला की कैबिनेट फेरबदल से नेशनल कॉन्फ्रेंस में बगावत, नाराज विधायकों की तीसरी गुप्त बैठक
**जम्मू-कश्मीर में सियासी हलचल तेज, 10 से 15 नाराज विधायकों ने बंद कमरे में बनाई आगे की रणनीति, मुबारक गुल के अल्टीमेटम की समयसीमा खत्म और सांसद रुहुल्लाह ने छोड़ी पार्टी**
जम्मू-कश्मीर की सियासत में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हालिया कैबिनेट फेरबदल के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज विधायकों ने एक बार फिर बंद कमरे में बैठक की और आगे की रणनीति पर चर्चा की। 4 नवंबर को हुई यह बैठक कैबिनेट फेरबदल के बाद नाराज विधायकों की तीसरी ऐसी बैठक बताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीनगर में हुई इस बैठक में करीब 10 से 15 असंतुष्ट विधायक शामिल हुए। विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की और अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर विचार किया। इससे पहले भी विधायक अलग-अलग बैठकों में अपनी मांगें रख चुके हैं। पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच नेतृत्व के सामने असंतुष्ट नेताओं को मनाने की चुनौती बनी हुई है।
### 27 अक्टूबर के कैबिनेट फेरबदल के बाद बढ़ा विवाद
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 27 अक्टूबर को अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार किया था। इस बदलाव के बाद कई वरिष्ठ विधायक मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं। असंतुष्ट विधायकों का मानना है कि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, नाराज विधायकों ने मंत्रिमंडल में बदलाव के साथ मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं। विधायकों की मांगों में मंत्रिमंडल के कुछ मौजूदा सदस्यों को हटाकर दूसरे नेताओं को मौका देने की बात भी शामिल है।
### मुबारक गुल का अल्टीमेटम खत्म, फिलहाल नहीं खोले पत्ते
इस पूरे घटनाक्रम के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और छह बार के विधायक मुबारक गुल भी चर्चा में हैं। कैबिनेट में जगह नहीं मिलने से नाराज मुबारक गुल ने पार्टी नेतृत्व को अपनी मांगों पर विचार करने के लिए 4 नवंबर तक का समय दिया था।
बुधवार को उनके अल्टीमेटम की समयसीमा समाप्त हो गई। इसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों के साथ बैठक की। हालांकि, उन्होंने अपने अगले कदम को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की।
मुबारक गुल ने कहा कि वह अपने साथियों की भावनाओं और करीब 75 साल पुरानी राजनीतिक विरासत का सम्मान करते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि सही समय आने पर आगे की बातें सामने आएंगी। उन्होंने खुद को लड़ाकू बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष जारी रहेगा।
### सांसद रुहुल्लाह के इस्तीफे से पार्टी को झटका
नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर जारी असंतोष के बीच श्रीनगर से सांसद सैयद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने भी पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है। 3 नवंबर को उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मतभेदों के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस से अलग होने की घोषणा की।
रुहुल्लाह ने पार्टी नेतृत्व पर आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली और लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा जैसे चुनावी वादों को लेकर अपेक्षित रुख नहीं अपनाया। उन्होंने उमर अब्दुल्ला और पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की राजनीतिक दिशा पर भी सवाल उठाए।
रुहुल्लाह के इस फैसले ने पार्टी के अंदर चल रहे विवाद को और चर्चा में ला दिया है। उन्होंने अपने समर्थकों के बीच भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर भी संकेत दिए हैं।
### पार्टी नेतृत्व के सामने असंतोष दूर करने की चुनौती
लगातार हो रही बैठकों, वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी और सांसद रुहुल्लाह के पार्टी छोड़ने के ऐलान के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के सामने संगठनात्मक चुनौती खड़ी हो गई है। पार्टी नेतृत्व की ओर से असंतुष्ट विधायकों से बातचीत कर मतभेद दूर करने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल नाराज विधायकों ने अपने अगले कदम को लेकर कोई अंतिम सार्वजनिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को बातचीत के जरिए दूर कर पाते हैं या आने वाले दिनों में नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर राजनीतिक खींचतान और बढ़ती है।


