आजमगढ़ हत्याकांड: पूजा के दौरान पत्नी और 2 पुरोहितों की हत्या, आरोपी की मां ने बताई पूरी कहानी
आजमगढ़ हत्याकांड में पुरोहित परिवार का दर्द छलका, आरोपी अरविंद की मां ने भी बताई वारदात की वजह

# आजमगढ़ हत्याकांड: पूजा के दौरान पत्नी और दो पुरोहितों की हत्या, आरोपी की मां ने बताई पूरी कहानी
**आजमगढ़:** उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। आरोप है कि अरविंद सिंह ने अपने घर में चल रहे महामृत्युंजय जाप के दौरान विवाद के बाद अपनी पत्नी बबीता और पूजा कराने आए दो पुरोहितों महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद अरविंद अपने बच्चों के साथ घर के अंदर बंद हो गया था। बाद में पुलिस के रेस्क्यू ऑपरेशन और जवाबी कार्रवाई के दौरान अरविंद की भी मौत हो गई। घायल बेटे शौर्य की इलाज के दौरान मौत की भी जानकारी सामने आई है।
## पुरोहित परिवार ने सुनाया दर्द
मृतक महेंद्र पाठक के बड़े भाई राजेंद्र पाठक ने घटना के बाद परिवार का दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से अरविंद सिंह के परिवार में पूजा-पाठ और पुरोहिताई करता आ रहा था। परिवार के मुताबिक, जब अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या हुई थी, तब आर्थिक परेशानी के बावजूद उनके परिवार ने आत्मा की शांति के लिए पूजा कराई थी।
राजेंद्र पाठक के अनुसार, इस घटना के बाद परिवार ने फैसला किया है कि अब वे अरविंद के घर कभी पूजा-पाठ या पुरोहिताई करने नहीं जाएंगे।
## दोनों मृतक पुरोहित आपस में रिश्तेदार थे
इस वारदात में मारे गए महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा आपस में मौसेरे भाई बताए जा रहे हैं। महेंद्र पाठक पटखौली के रहने वाले थे, जबकि अखिलेश मिश्रा कितौना भटौली के निवासी बताए गए हैं। दोनों पूजा-पाठ कराने के लिए अरविंद सिंह के घर पहुंचे थे।
बताया गया है कि महेंद्र पाठक के साथ अखिलेश मिश्रा और उनका बेटा भी पूजा में शामिल होने पहुंचे थे। फायरिंग के दौरान एक युवक किसी तरह मौके से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहा।
## पूजा के दौरान कैसे शुरू हुआ विवाद?
मामले की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अरविंद सिंह की पत्नी बबीता घर में महामृत्युंजय जाप करा रही थीं। यह पूजा लगातार कई दिनों से चल रही थी। अरविंद के घर पहुंचने के बाद पूजा करा रहे पुरोहितों से पहचान पत्र मांगने को लेकर विवाद शुरू हुआ।
अरविंद की मां श्यामबला देवी के मुताबिक, बबीता ने पुरोहितों के साथ इस तरह के व्यवहार का विरोध किया। इसके बाद विवाद बढ़ गया और अरविंद ने कथित तौर पर पहले अपनी पत्नी को गोली मारी। इसके बाद भाग रहे पुरोहितों पर भी फायरिंग की, जिसमें महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई।
हालांकि घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत तस्वीर पुलिस जांच तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।
## अरविंद की मां ने पुरानी घटना का किया जिक्र
आरोपी अरविंद सिंह की मां श्यामबला देवी ने अपने बेटे के व्यवहार के पीछे पुरानी पारिवारिक घटनाओं और तनाव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर 2018 को अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या के बाद से वह काफी परेशान रहने लगा था।
उनके मुताबिक, जिस रिवॉल्वर का इस्तेमाल घटना में किया गया, वह परिवार के दिवंगत सदस्य सुनील सिंह की थी और बाद में वह अरविंद के पास आई थी।
## तीन बच्चों को लेकर घर में बंद हो गया था आरोपी
तीन लोगों की हत्या के बाद अरविंद अपने बच्चों के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया था। पुलिस और अन्य सुरक्षा टीमों ने घर को घेर लिया और काफी देर तक उसे समझाकर बाहर निकालने की कोशिश की।
पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। शुरुआती कार्रवाई में पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने घर का गेट तोड़कर आरोपी और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की थी। बाद की घटनाओं में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान अरविंद घायल हुआ और उसकी मौत हो गई।
## पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस ने मौके से हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की जांच की है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और परिवार के सदस्यों तथा घटना से जुड़े लोगों से जानकारी ली जा रही है।
आजमगढ़ की इस घटना ने गांव में शोक और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। घटना के पीछे पूजा को लेकर हुआ विवाद, पारिवारिक तनाव और पुरानी रंजिश से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
**नोट:** घटना से जुड़ी कुछ शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या और घटनाक्रम के अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। इसलिए अंतिम स्थिति पुलिस की आधिकारिक जांच, पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।



