आंध्र प्रदेश में हिरासत में मौत मामले की CBI जांच, जगन मोहन रेड्डी बोले- नायडू सरकार को तमाचा
गाडे साईं कृष्ण की हिरासत में मौत मामले में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया। जगन मोहन रेड्डी ने फैसले को नायडू सरकार पर तमाचा बताते हुए आरोप लगाया कि SIT के जरिए मामले को दबाने की कोशिश की गई।

# आंध्र प्रदेश में हिरासत में मौत मामले की CBI जांच, जगन मोहन रेड्डी बोले- नायडू सरकार को तमाचा
**आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने गाडे साईं कृष्ण की हिरासत में मौत के मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे चंद्रबाबू नायडू सरकार के लिए बड़ा झटका बताया।**
## हाईकोर्ट के फैसले से मामले ने पकड़ा तूल
आंध्र प्रदेश में गाडे साईं कृष्ण की हिरासत में मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस मामले में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार के लिए तमाचा बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता सामने आई है।
## जगन मोहन रेड्डी ने सरकार पर लगाए आरोप
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस मामले को दबाने की कोशिश की। उनके मुताबिक, मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) के जरिए सच्चाई सामने आने से रोकने का प्रयास किया गया।
उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को अपने आरोपों के समर्थन में अहम घटनाक्रम के रूप में पेश किया। हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं है।
## CBI जांच से सामने आ सकते हैं अहम तथ्य
अब इस मामले की जांच CBI द्वारा किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय एजेंसी की जांच में मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी। जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और इसमें क्या निष्कर्ष सामने आते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
हिरासत में मौत से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह देखना अहम होगा कि CBI जांच के दौरान किन तथ्यों की पुष्टि होती है और संबंधित पक्षों की क्या भूमिका सामने आती है।
**फिलहाल, इस मामले में हाईकोर्ट का CBI जांच का आदेश और जगन मोहन रेड्डी की प्रतिक्रिया प्रमुख घटनाक्रम हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों पर अधिक स्पष्टता मिल सकेगी।**



