अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी पर सपा की सफाई, कांग्रेस से दूरी नहीं, तबीयत खराब होने की वजह से नहीं पहुंचे प्रदर्शन में
102 डिग्री से ज्यादा बुखार के चलते डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी थी, सपा ने कांग्रेस से दूरी की अटकलों को किया खारिज

**अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी पर सपा की सफाई, कांग्रेस से दूरी नहीं, खराब तबीयत की वजह से धीमे रहे तेवर**
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली में हुए विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी तो नजर आई, लेकिन उनके तेवर पहले की तुलना में काफी शांत दिखाई दिए। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी आगे चल रहे थे, जबकि अखिलेश यादव उनके पीछे अपनी पार्टी के सांसदों के साथ नजर आए। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में सपा और कांग्रेस के बीच दूरी बढ़ने की अटकलें तेज हो गईं।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर पहले से ही राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में दिल्ली के प्रदर्शन में दोनों नेताओं के बीच पहले जैसी गर्मजोशी नहीं दिखने को भी इसी विवाद से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि, समाजवादी पार्टी ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।
### सपा ने बताया अखिलेश की खामोशी का कारण
सपा नेता आशुतोष वर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव पिछले दो दिनों से लगातार 102 डिग्री से अधिक बुखार से पीड़ित थे। डॉक्टरों ने उन्हें स्वास्थ्य लाभ के लिए आराम करने की सलाह दी थी। पार्टी के मुताबिक, प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी का मतलब साफ है कि कांग्रेस से किसी तरह की दूरी नहीं है और उनके शांत रहने की वजह केवल खराब स्वास्थ्य थी।
पार्टी की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि अखिलेश यादव विपक्षी प्रदर्शन में शामिल हुए और चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन में अपनी भूमिका निभाई। इसलिए उनके व्यवहार या प्रदर्शन में कम सक्रिय नजर आने को सपा-कांग्रेस के बीच किसी नए विवाद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
### खुद अखिलेश यादव ने क्या कहा?
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर विपक्षी सांसदों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में भी लिया। इसी दौरान अखिलेश यादव ने अपनी खराब तबीयत का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार स्वास्थ्य उनका साथ नहीं दे रहा है, वरना वह बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ जाते।
अखिलेश का यह बयान उस समय आया जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच आगे बढ़ने को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि उनकी कम सक्रियता के पीछे स्वास्थ्य संबंधी समस्या थी।
### चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन किया। विपक्षी नेताओं का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता जरूरी है और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया।
### सपा-कांग्रेस गठबंधन पर उठे थे सवाल
अखिलेश यादव की प्रदर्शन में मौजूदगी के बावजूद राहुल गांधी के साथ उनकी पहले जैसी नजदीकी नहीं दिखने के बाद यूपी की राजनीति में सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर सवाल उठने लगे थे। इससे पहले 30 सितंबर को दिल्ली में हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में भी अखिलेश यादव शामिल नहीं हुए थे। उस समय सपा के राज्यसभा उम्मीदवारों के नामांकन को लेकर उनके लखनऊ में रहने की बात सामने आई थी।
हालांकि, सपा की ताजा सफाई के बाद पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि अखिलेश यादव की तबीयत खराब होने को कांग्रेस से राजनीतिक दूरी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पार्टी ने साफ किया कि दोनों दलों के बीच मतभेद की अटकलों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति से जोड़कर देखना उचित नहीं है।
फिलहाल यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे और गठबंधन की रणनीति पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं। लेकिन दिल्ली के प्रदर्शन में अखिलेश यादव की कम सक्रियता को लेकर उठी तत्काल अटकलों पर सपा ने स्वास्थ्य खराब होने की वजह बताकर विराम लगा दिया है।



