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राज्यसभा चुनाव से पहले ओमप्रकाश राजभर का बड़ा बयान, अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय पर साधा निशाना

राज्यसभा चुनाव से पहले ओमप्रकाश राजभर ने अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय को लेकर कहा कि दोनों विधायक सुभासपा के चुनाव चिह्न पर जीते, लेकिन उनका राजनीतिक झुकाव समाजवादी पार्टी की ओर रहा है।

# राज्यसभा चुनाव से पहले ओमप्रकाश राजभर का बड़ा बयान, अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। इसी बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पार्टी के विधायक अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय को लेकर बयान दिया है। राजभर ने कहा कि दोनों विधायक सुभासपा के चुनाव चिह्न पर विधानसभा पहुंचे, लेकिन चुनाव के बाद से उनका व्यवहार पार्टी से अलग रहा है।

राजभर के मुताबिक, अब्बास अंसारी और जौनपुर की जफराबाद सीट से विधायक जगदीश नारायण राय शुरू से समाजवादी पार्टी के साथ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों विधायक सपा के झंडे और टोपी के साथ नजर आते हैं और उनका राजनीतिक झुकाव भी समाजवादी पार्टी की ओर है। राजभर ने कहा कि चुनाव के बाद से ही दोनों का व्यवहार सुभासपा से अलग रहा है।

### अब्बास अंसारी ने अखिलेश यादव से की मुलाकात

राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी ने 1 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ स्थित सपा के प्रदेश कार्यालय में मुलाकात की थी। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद अब्बास अंसारी ने मीडिया से बातचीत नहीं की।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब सपा राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार के लिए जरूरी संख्या जुटाने की कोशिश कर रही है। सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि तीसरे उम्मीदवार को लेकर अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है।

### राजभर बोले- चुनाव के बाद से अलग रहा दोनों विधायकों का रुख

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सुभासपा ने विधानसभा चुनाव में 12 उम्मीदवार उतारे थे और इनमें कई का झुकाव समाजवादी पार्टी की ओर था। उनके अनुसार, चुनाव हारने वाले कुछ उम्मीदवार भी अलग हो गए और जीतने वाले कुछ विधायक भी पार्टी के साथ सक्रिय नहीं रहे।

राजभर ने कहा कि उन्हें इन विधायकों के अलग रुख से विशेष चिंता नहीं है और वह राज्यसभा चुनाव का इंतजार कर रहे हैं।

### धनराज नथवानी की उम्मीदवारी पर भी उठाए सवाल

सपा की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए गए धनराज परिमल नथवानी को लेकर भी ओमप्रकाश राजभर ने सवाल उठाए। उन्होंने नथवानी की उम्मीदवारी को लेकर सपा पर निशाना साधा और अपने राजनीतिक बयान में उनके परिवार के भाजपा से कथित राजनीतिक जुड़ाव का मुद्दा उठाया। यह राजभर का राजनीतिक आरोप है; इसे स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

इससे पहले 30 सितंबर को राजभर ने सोशल मीडिया पर सपा के राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर PDA के संक्षिप्त रूप पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी के नामों को लेकर सपा की रणनीति पर सवाल उठाए थे।

### राज्यसभा चुनाव का गणित

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होना है। चुनावी गणित में एक सीट के लिए 37 विधायकों के वोट की जरूरत है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन की स्थिति मजबूत बताई जा रही है, जबकि सपा के सामने तीसरी सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने की चुनौती है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर सपा और एनडीए खेमे के बीच विधायकों के समर्थन को लेकर गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। अब्बास अंसारी की अखिलेश यादव से मुलाकात और ओमप्रकाश राजभर के बयान ने सुभासपा के विधायकों के रुख को भी चर्चा में ला दिया है। हालांकि, अंतिम स्थिति मतदान के दौरान विधायकों के वोट से ही स्पष्ट होगी।

### सपा-कांग्रेस गठबंधन पर राजभर की बात

ओमप्रकाश राजभर ने सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच सपा और कांग्रेस के संबंधों को लेकर लगातार बयान सामने आ रहे हैं।

फिलहाल राज्यसभा चुनाव से पहले सुभासपा के दो विधायकों को लेकर राजभर के बयान और अब्बास अंसारी की अखिलेश यादव से मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 अक्टूबर को होगा, जिसके बाद विधायकों के वास्तविक समर्थन की स्थिति स्पष्ट होगी।

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