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ईरान पर फिर हमला कर सकता है अमेरिका? ट्रंप ने कहा- जरूरत पड़ी तो तैयार हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका एक और हमला करने के लिए तैयार है। उन्होंने तेल की कीमतों और रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी अपनी बात रखी।

ईरान पर फिर हमला कर सकता है अमेरिका? ट्रंप बोले- जरूरत पड़ी तो तैयार हैं

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका एक और हमले के लिए तैयार है। उन्होंने तेल की कीमतों और रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी बयान दिया।

ईरान पर ट्रंप का सख्त रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। वॉशिंगटन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान पर एक और हमला करने के लिए तैयार है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। हालिया घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच टकराव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी हुई है।

तेल और गैस की कीमतों पर भी बोले ट्रंप

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर तेल की कीमतों पर पड़ने की आशंका के बीच ट्रंप ने इस मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने तेल और गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की है।

ट्रंप ने तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई और कंपनियों से कीमतों को लेकर मुनाफाखोरी नहीं करने की बात कही। उनका बयान ऐसे वक्त में आया है जब ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव की चर्चा हो रही है।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी ट्रंप का बयान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जब उन्हें लगेगा कि यूक्रेन में शांति समझौता करने के लिए सही समय आ गया है, तब वह इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।

ट्रंप लंबे समय से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म कराने की बात करते रहे हैं। ताजा बयान में भी उन्होंने शांति समझौते के लिए सही समय का इंतजार करने की बात कही।

ईरान को लेकर आगे क्या?

ट्रंप के बयान से साफ है कि अमेरिका ईरान को लेकर अपने विकल्प खुले रखना चाहता है। हालांकि, उन्होंने किसी संभावित नए हमले की तारीख या उसके स्वरूप को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजरें टिक गई हैं। साथ ही, तेल की कीमतों और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसके संभावित असर को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

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