ताजमहल के सामने आरती का वीडियो वायरल, ASI की शिकायत पर FIR दर्ज
**Subtitle:** आगरा के मेहताब बाग से ताजमहल की ओर कथित आरती और पूजा-अर्चना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ASI की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

# ताजमहल के सामने आरती का वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज की FIR
आगरा के विश्व प्रसिद्ध ताजमहल से जुड़े दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वायरल वीडियो में मेहताब बाग से ताजमहल का दृश्य दिखाई दे रहा है और तीन लोग ताजमहल की दिशा में कथित तौर पर पूजा-अर्चना और आरती करते नजर आ रहे हैं। एक वीडियो 54 सेकंड और दूसरा 12 सेकंड का बताया गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की शिकायत पर आगरा के एत्माद्दौला थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
## 17 अगस्त को सामने आया वीडियो
FIR के मुताबिक, 17 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया के जरिए एक वीडियो ASI के संज्ञान में आया। वीडियो में मेहताब बाग से ताजमहल दिखाई दे रहा है और कुछ लोग कथित तौर पर पूजा-पाठ और आरती करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद ASI के वरिष्ठ संरक्षण सहायक, उपमंडल एत्माद्दौला की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि संरक्षित स्मारक से संबंधित लागू नियमों का उल्लंघन करते हुए वीडियो बनाया गया और उसमें धार्मिक गतिविधि प्रदर्शित की गई। ASI ने मामले की जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की।
## किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
पुलिस ने ASI की शिकायत के आधार पर 17 अगस्त की रात करीब 11 बजे FIR दर्ज की। मामले में फिलहाल अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर राजवीर सिंह को सौंपी गई है।
FIR में प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 की धारा 30(1), भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
## पुलिस कर रही वायरल वीडियो की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किसने बनाया, उसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और मेहताब बाग में वास्तव में किस तरह की गतिविधि हुई थी। जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल FIR में किसी व्यक्ति का नाम नहीं दिया गया है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही वीडियो में नजर आ रहे लोगों की पहचान और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
## हिंदू महासभा ने क्या दावा किया?
वीडियो सामने आने के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान ने दावा किया कि सावन के तीसरे सोमवार को ‘तेजो महालय’ की आरती की गई और दूध चढ़ाया गया। उन्होंने ताजमहल को शिव मंदिर होने का दावा भी दोहराया।
हालांकि, यह दावा संगठन की ओर से किया गया है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों की जांच में वायरल वीडियो में दिखाई गई गतिविधि और उसमें शामिल लोगों को लेकर तथ्य सामने आना बाकी है।
## मामला क्यों है महत्वपूर्ण?
ताजमहल एक संरक्षित ऐतिहासिक स्मारक है और इससे जुड़ी किसी भी गतिविधि को लेकर ASI के नियम लागू होते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद ASI की शिकायत और पुलिस FIR ने मामले को कानूनी जांच के दायरे में ला दिया है।
अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया तथा उसमें दिखाई देने वाले लोगों की भूमिका क्या थी। जांच के नतीजे के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



